1 अक्टूबर 2024 से सुकन्या समृद्धि योजना में नया बदलाव
1 अक्टूबर 2024 से सुकन्या समृद्धि योजना में नया बदलाव होने जा रहा है
यह बदलाव बहुत महत्वपूर्ण है जो लोग सुकन्या समृद्धि योजना में अपनी बेटियों का खाता खुला चुके हैं नए नियम के बारे में जानना चाहिए और जो लोग खुलवाने की सोच रहे हैं 1 अक्टूबर 2024 से क्या इसमें बदलाव होने वाला है
योजना क्या है नए लोगों के लिए यह योजना वही है
10 साल से कम उम्र की बेटियों का पोस्ट ऑफिस या सरकारी बैंक में खाता खुलता है ₹250 से लेकर के डेढ़ लाख रुपए के बीच में जमा होता है साल भर में और 14 वर्ष तक जमा होता है और टोटल 21 वर्ष के बाद मैच्योरिटी होती है बेटी जब 18 वर्ष की हो जाती है तो पढ़ाई के लिए जमाधान का आधा निकल सकती है और अगर उसका विवाह करना है तो पूरा निकाल सकते हैं तो उसे बिटिया का पूरा पैसा आप निकल सकते हैं 21 वर्ष इंतजार करना जरूरी नहीं होता और वर्तमान में इसमें इस समय 8.2%कोई आपको डरने की जरूरत नहीं है
नए नियम में खाता कानून अभिभावक को ट्रांसफर करना जरूरी
नए नियम में खाता कानून अभिभावक को ट्रांसफर करना जरूरी पहले इसको पढ़ लेते हैं रिपोर्ट को फिर आपको समझते हैं अंग्रेजी की वेबसाइट इकोनामिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों में किए गए बदलाव का सीधा असर राष्ट्रीय योजना के तहत खोले गए खातों पर पड़ेगा नए नियम के अनुसार अगर किसी बच्ची का खाता उसके कानूनी अभिभावक ने नहीं खुलवाया है तो उसे उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक को ट्रांसफर करना होगा ऐसा नहीं करने पर उसे खाते को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नया नियम 1 अक्टूबर 2024 से पूरे देश में लागू होगा इसमें जो बेटी है उसका बर्थ सर्टिफिकेट लगा करके खाता खुलवाया जा सकता था उसका कोई भी अभिभावक बन सकता था अगर किसी भी व्यक्ति के किसी भी पेरेंट्स की अधिकतम दो बेटियां हैं तो उनका खाता खुलता था एक बेटी है तो भी दो बेटी है तो भी तीन चार बेटी हो जाती थी तो नहीं लेकिन उन तीन चार बेटियों में भी कम से कम किसी का भी दो बेटी का खाता वह खुलवा सकते थे एक बेटी के नाम पर एक से अधिक खाता नहीं खुल सकता था क्योंकि उसका बर्थ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड भी लगता था अगर किसी भी लड़की के माता-पिता नहीं है यह कानूनी अभिभावक नहीं है तो उसे लड़की के नाम कोई भी अपना आधार कार्ड अपना डॉक्यूमेंट लगा करके खाता खुलवा सकता था उसी के बारे में होगा अब उसके माता-पिता या फिर कानूनी अभिभावक ही खाता खुला सकेंगे और जो कोई और भी खुलवा दिए हैं उनको
1 अक्टूबर से पहले जाकर के उनके कानूनी अभिभावक
को यह खता ट्रांसफर करना होगा तो अगर कोई बेटी है तो उसका खाता कैसे खुलता है पहले तो यह जान लीजिए तब आपको यह पूरी बात समझ में आएगी जैसे एक बेटी है सुकन्या समृद्धि या सुकन्या समृद्धि अकाउंट SSY के नाम से आपको एक पासबुक मिलेगी अगर स्वयं जाकर खुलवाए भी तो जमा कैसे करेंगे तो इस स्थिति में उसके पास क्या ऑप्शन रहता है कि उसके या तो माता या तो पिता या तो माता अपना डॉक्यूमेंट लगा करके बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट लगा करके खाता खुलवाती थी पासबुक बेटी के नाम पर मिलती है पिता भी कर सकते हैं रहने पर दादा दादी नाना नानी चाचा चाचा कोई भी खाता खुलवा सकता था उसे बेटी के नाम पर पैसा जमा करता था या तो माता अपने डॉक्यूमेंट लगाकर खाता खुलवाएगी या तो पिता के अलावा जितने भी होंगे वह होंगे कानूनी
अभिभावक कानूनी अभिभावक क्या होता है
कानूनी अभिभावक होना चाहिए तो कानूनी अभिभावक ने लिखा पड़ी के साथ कानूनी बनते हैं और 18 वर्ष तक उनका उसे बच्चे पर अधिकार होता है उसकी पढ़ाई लिखाई के लिए शिक्षा के लिए स्वास्थ्य के लिए वित्तीय लेनदेन के लिए उनकी पूरी जिम्मेदारी होती है जो भी कानूनी अभिभावक बनता है पूर्ण नियंत्रण रखता है उसे बच्चे पर हो जाता है इनका अधिकार उसे पर से समाप्त हो जाता है जो हमें जाननी है कानूनी अभिभावकों के बारे में कुछ और बातें कानूनी अभिभावक की मुख्य बातें पढ़ लीजिए एक बार अच्छे से कानूनी अभिभावक को नियुक्त करने के लिए अदालत में विशेष संरक्षता आदेश की जरूरत होती है मतलब ऐसे नहीं गांव मोहल्ले में जो है किसी के सामने कर दिए कि हमने मतलब इनको गोद लिया है या मैं इनका कानूनी संरक्षक हूं ऐसा नहीं अदालत में होती है कानूनी तब तक करनी होती है जब तक की बच्चा 18 साल का ना हो जाए माता-पिता अपनी वसीयत में किसी को अपने बच्चों का कानूनी अभिभावक नियुक्त कर सकते हैं तो अदालत किसी और को बच्चों का कानूनी अभिभावक नियुक्त करती है अगर माता-पिता की मौत हो जाती है और उनके पास वसीयत है तो वसीयत में नियुक्त व्यक्ति को ज्यादातर मामलों में बच्चे का कानूनी अभिभावक बनाया जाता है अगर माता-पिता की मौत हो जाती है और उनके पास वसीयत नहीं है तो अदालत किसी को बच्चों का कानूनी अभिभावक नियुक्त करती है लेकिन जिसको भी नियुक्त करती है

