3 साल के बच्चे को चांदीपुरा वायरस पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है जिसके बाद राजस्थान सरकार और चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड हो गया है
0Lakhan RegarSeptember 08, 2024
राजस्थान में भी दस्तक दे चुका है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के डूंगरपुर जिले में 3 साल के बच्चे को चांदीपुरा वायरस पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है जिसके बाद राजस्थान सरकार और चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड हो गया है कि बच्चे का सैंपल लेकर 12 जुलाई पुरानोसिस लैब में जांच के लिए भेजा गया था जहां बच्चों के चांदी पूरा भारत पॉजिटिव होने की कोशिश हुई है कुछ दिनों में इस वायरस के कारण कई बच्चों की मौत हुई है जिससे लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है आखिर क्या है इस तरह से बच्चों को मौत की घाट उतार रहा है मक्खी से फैलने वाला यह चांदी पूरा भारत आखिर क्या है इसका लक्षण कैसे बचाएं अपने बच्चों की जान आज के इस वीडियो में आपको बताएंगे पूरी खबर दूसरे के बच्चों के भी जान बचाना चाहते हैं तो इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि इस खतरनाक वायरस के बारे में हर किसी को जानकारी हो सके जिसका पहला मामला 1965 में भारत के महाराष्ट्र राज्य के चांदीपुरा गांव में देखने को मिला था हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक के 12 ग्रेड परिवार से संबंधित है और बधाई मक्खी मच्छरों और सेंट फ्लाइज के काटने से फैलता है रिपोर्ट के मुताबिक भारत में यह बारिश 2004 2006 और 2019 में महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में फैल चुका है ऐसी स्थिति में बुखार फ्लू जैसे सामान्य लक्षणों के साथ-साथ एक्यूट एन्सेफेलाइटिस यानी दिमाग की सूजन की समस्या हो सकती है इसके कारण संक्रमित बच्चों को बुखार दस्त उल्टी और शरीर में अकड़न जैसे लक्षण नजर आते हैं कि गंभीर मामलों में यह बच्चे को गोवा तक पहुंचा सकता है या फिर बच्चों की जान तक ले सकता है मुख्य रूप से 9 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों को प्रभावित करताहै जो बच्चों के लिए बड़ा खतरनाक होता है बताने की इस भारत को लेकर की दावा किया जा रहा है इससे मृत्यु दर का जो आगरा है वह लगभग 50% से ज्यादा है यानी वायरस का शिकार हुए बच्चों में से 50 बच्चों की जान चली जाती है तो लिए ऐसे में आपको इस वायरस से बचाव के बारे में सबसे पहले मच्छरों से बचाव करना जरूरी है क्योंकि यह मच्छरों के काटने से फैलता है इसके लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें घर के आसपास पानी जमाना होने दे मच्छर भगाने वाले तरल पदार्थ का उपयोग करें और फुल आस्तीन के कपड़े इसके अलावा स्वच्छता का ध्यान रखें और दूषित पानी नहीं पीना है और हाथों को बार-बार धोना जरूरी है वहीं अगर आपको अपने बच्चों में वायरस के कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना है साल 1966 में पहली बार महाराष्ट्र में नागपुर के चांदीपुर गांव में इस वायरस की पहचान हुई थी इस वजह से इसका धाम चांदीपुरा बारिश पड़ा है ताकि इस महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में आपके अपनों को भी पता चल सके इस वीडियो में Join WhatsApp